भारत के पाँच राज्य छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम मे 7 दिसम्बर तक चुनाव सम्पन्न हुए थे। 11 दिसम्बर को इन सभी राज्यों के मतों की गिनती हुई जिसमें मध्यप्रदेश को छोड़कर सभी राज्यों का स्पष्ट परिणाम शाम तक प्राप्त हो गया। मध्यप्रदेश के पाँच विधानसभा सीट के वोटों की गिनती अगले दिन सुबह 6 बजे तक चलती रही।
मध्य प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त वि. एल. कांताराव के अनुसार प्रदेश के 230 सीटों के परिणामों के अनुसार कांग्रेस 114 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। भाजपा 109 सीट जीत कर दूसरी बड़ी के रूप में उभरी है। बहुजन समाजवादी पार्टी को 2 सीट मिली है और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को एक सीट मिली है। 4 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव जीतने में कामयाब हुए।
भाजपा को इस विधानसभा चुनाव में 3.88 प्रतिशत वोटों का नुकसान हुआ और कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले में इस चुनाव में 4.52 प्रतिशत वोटों का लाभ मिला लेकिन कुल मतों के मामले में कांग्रेस भाजपा की तुलना में थोड़ा पीछे है। भाजपा को इस चुनाव में 41 प्रतिशत वोट प्राप्त हुआ जबकि कांग्रेस को 40.9 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने बसपा एवं सपा के समर्थन प्राप्त करने पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के समक्ष सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत किया। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के तरफ से पर्यवेक्षक पद की जिम्मेदारी ए. के. एनटोनी को दी गई है।
छत्तीसगढ़ में पिछले 15 वर्षों से काबिज भारतीय जनता पार्टी को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। कांग्रेस ने दो तिहाई से अधिक बहुमत प्राप्त करते सत्ता पे कब्जा जमाया। राज्य की 90 सीटों में से 68 सीट कांग्रेस ने जीत लिए। भारतीय जनता पार्टी को इस चुनाव में महज 15 सीट हासिल हुई है नवगठित जनता कांग्रेस बसपा गठबंधन को 7 सीट प्राप्त हुई। छत्तीसगढ़ के अस्तित्व में आने के बाद यह पहला मौका है कि किसी पार्टी को दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत प्राप्त हुआ है। भाजपा के रमण सरकार के 8 मंत्री चुनाव हार गए। राज्य के हाई प्रोफाइल सीटों में डॉ. रमण सिंह ने राजनांदगांव सीट से कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी श्रीमती करुणा शुक्ला को हराया। कांग्रेस के प्रमुख नेता टी. एस. सिंहदेव अम्बिकापुर से, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल पाटन सीट से, प्रदेश कांग्रेस प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत सक्ति सीट से, एवं कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य ताम्रध्वज साहू दुर्ग ग्रामीण सीट से जीत दर्ज की। रायपुर दक्षिण से भाजपा के मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल ने जीत दर्ज की। जनता कांग्रेस के अजीत जोगी ने मरवाही सीट से तथा उनकी पत्नी डॉ रेणू जोगी ने कोटा सीट से जीत दर्ज की। कांग्रेस के मोहम्मद अकबर कवर्धा सीट से अशोक साहू को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से हराने का रिकॉर्ड बनाया। इससे पूर्व सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से हरानी का रिकॉर्ड अजीत जोगी के नाम पर था। सरकार बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी की तरफ से मल्लिकार्जुन खड़गे को पर्यवेक्षक बनाया गया है।
राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी 99 सीट जीत कर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा 73 सीट जीत कर दूसरी बड़ी पार्टी बनी। बसपा ने 6, आरएलडी ने 6, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने 3, बीटीपी ने 2 सीटें और सीपीएम में 2 सीटें जीती है इसके अलावा 13 निर्दलीय उम्मीदवार भी जीते हैं। राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने 14वीं विधानसभा भंग कर दी है। यहां भाजपा के 30 में से 20 मंत्री चुनाव हार गए। राजस्थान की 200 सदस्य विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 101 सीटों की जरूरत होती है परंतु यहां पर 199 सीटों पर चुनाव होने के कारण इस बार 100 सीटों ही जरूरत है। राजस्थान में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को बीएसपी ने अपना समर्थन दिया है। यहां पर मुख्यमंत्री की दौड़ में मुख्य रूप से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आगे हैं। राजस्थान में सरकार बनाने के लिए राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे एवं पर्यवेक्षक के. सी. वेणुगोपाल नियुक्त किए गया हैं।
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